शिक्षा
नैनीताल के पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर चला डीएम रयाल का हंटर, बिलबिला कर मनमानी कर वसूली गई ₹39 लाख अभिभावकों को लौटाए, भविष्य के लिए की तौबा
टीसी मद में सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क एक रुपये के स्थान पर 100 से लेकर एक हजार रुपये तक वसूला
सीएन, नैनीताल। सरोवर नगरु नैनीताल कभी शिक्षा के रूप में मशहूर रहा है। लेकिन जिले में कुकुरमुत्तों की तरह उग आये पब्लिक स्कूलों ने पिछले कई दशकों से इन स्कूलों को व्यवसाय का केन्द्र बना डाला। शुल्क के नाम पर मनमानी वसूली से लगातार अभिभावक शिकायतें कर रहे थे, लेकिन कोई सुनने को तैयार नही था। नैनीताल के डीएम ललित मोहन रयाल के दरबार में जब इस लूट की कहानी पहुंची तो डीएम एक्शन में आ गये। पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर डीएम रयाल का हंटर इस तरह चला कि स्कूल संचालकों ने बिलबिला कर मनमानी कर वसूली गई ₹39 लाख अभिभावकों को लौटाने पड़े। यही नही भविष्य के लिए तौबा भी करनी पड़ी। डीएम यहां भी नही रूके उन्होंने भविष्य के लिए ऐसी व्यवस्था कर दी कि यदि कोई स्कूल मनमानी करे तो इसकी शिकायत विभाग व प्रशासन से की जा सकती है, शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जायेगा। अब नैनीताल में जिला प्रशासन की सख्ती के बाद 46 निजी स्कूलों ने अभिभावकों को 39 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त फीस लौटाई जा रही है। नैनीताल जिले में पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर जिला प्रशासन के इस हंटर ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। प्रशासन व शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद निजी स्कूलों ने अतिरिक्त शुल्क की वापसी प्रारंभ कर दी है। विभाग की जांच में 87 निजी विद्यालयों की ओर से नियम विरुद्ध शुल्क वसूले जाने की पुष्टि हुई थी। शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अप्रैल माह में डीएम ललित मोहन रयाल के निर्देश पर निजी विद्यालयों की ओर से वसूले जा रहे अतिरिक्त एवं अवैध शुल्क की जांच को निर्देश दिए, जिसके बाद टीमें गठित की गई थी। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त शुल्क की वापसी अथवा आगामी माह के शुल्क में समायोजन करने के निर्देश दिए गए थे। अभियान में जिले के 46 विद्यालयों की ओर से 39 लाख, पांच हजार, चार सौ पांच की रकम अभिभावकों को वापस कर दी गई है। आठ विद्यालयों ने नियम विरुद्ध बढ़ाए गए शिक्षण शुल्क को जबकि 39 विद्यालयों द्वारा मनमाने ढंग से लिया जा रहा परीक्षा शुल्क कम कर दिया है। 15 निजी विद्यालयों की ओर से पंजीकरण शुल्क कम या शून्य, टीसी शुल्क एक रुपये किया गया है। जांच में पाया गया कि विभिन्न विद्यालयों की ओर से टीसी मद में सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क एक रुपये के स्थान पर 100 से लेकर एक हजार रुपये तक वसूला जा रहा था। अतिरिक्त वसूल की गई राशि अभिभावकों को वापस यासमायोजित की गई है। सीईओ के अनुसार जिन विद्यालयों ने अब तक अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया है, उन पर विभाग की ओर से कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नियम विरुद्ध फीस वसूलने वाले विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति भी शासन को प्रेषित की जा सकती है। स्पष्ट कहा कि अभिभावकों के शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विद्यालयों से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत एवं सूचना होने पर अभिभावक मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ई मेल आईडी ceonainital11@ gmail.com पर ईमेल के माध्यम से अवगत करा सकते हैं, शिकायतकर्ता का नाम पूरी तरह गोपनीय रखते हुए शिकायत पर प्रभावी एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आईडी व प्रशासन की ओर से अभिभावकों को दिये गये भरोसे के बाद स्कूल संचालकों को सोचने को मजबूर होना पड़ेगा कि उनके स्कूलों में शिक्षा अर्जित करने वाले नौनिहालों से अवैध वसूली की जाय या नही।



















































