राजनीति
रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की सभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर सियासी घमासान तेज
सीएन, हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। रविवार शाम कांग्रेस ने उसी मैदान में मौन प्रदर्शन कर विरोध जताया। बारिश के बावजूद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच व कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृदयेश, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल, रंजीत रावत, पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य और कांग्रेस नेता ललित जोशी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रामलीला मैदान की घटना केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि सम्मान और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा मामला है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान इस मुद्दे को दलित सम्मान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच रामलीला मैदान का यह विवाद अब हल्द्वानी से निकलकर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस के मौन प्रदर्शन ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी इस मामले को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं।















































