उत्तराखण्ड
उत्तराखंड की तेज तर्रार महिला मंत्री के उत्पीड़न का मामला सुर्खियों में आया, सीएम भी मैदान में कूदे
सीएन, देहरादून। इन दिनों उत्तराखंड प्रदेश महिलाओं के उत्पीड़न के मामले में देश भर में सुर्खियां बटोर रहा है। दिल्ली सहित उत्तराखंड में अंकिता भंडारी का मामला ठंडा नही हुआ वहीं उत्तराखंड की तेज तर्रार महिला मंत्री के उत्पीड़न का मामला सुर्खियों में आ गया है। मंत्री के बचाव में प्रदेश के सीएम धामी ने भी चिंता जताई हैं। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू (पप्पू गिरधारी) के बीच का पारिवारिक विवाद अक्टूबर 2026 में पूरी तरह से सार्वजनिक होकर सामने आया है, जब रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि, रेखा आर्या द्वारा लगाए गए आरोपों और सामने आई जानकारियों के अनुसार, उनके बीच विवाद की जड़ें काफी पुरानी है। रेखा आर्या का आरोप है कि गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी और बच्चों की बात छिपाकर उनसे विवाह किया था। विवाह के कई साल बाद जब उन्हें इस बात का पता चला, तो बच्चों के भविष्य को देखते हुए वह उस समय शांत रहीं। रेखा आर्या के अनुसार, हाल के दिनों में उनके पति के व्यवहार में काफी बदलाव आया था। जब उन्होंने अपने पति के अन्य महिलाओं से कथित संबंधों पर आपत्ति जताई, तो उनके बीच मारपीट, शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना और गाली-गलौज का सिलसिला शुरू हो गया। यह झगड़ा तब बड़े कानूनी और राजनीतिक विवाद में बदल गया जब रेखा आर्या के हाथ एक ऑडियो रिकॉर्डिंग लगी। उनका आरोप है कि इस ऑडियो में उनके पति एक महिला के साथ मिलकर रेखा आर्या और उनके बच्चों को जान से मारने (सुपारी देने) की साजिश रच रहे थे। इसके अलावा, गिरधारी लाल साहू जनवरी 2026 में भी एक सार्वजनिक मंच पर महिलाओं को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान के कारण सुर्खियों में आए थे, जिससे उनकी काफी आलोचना हुई थी। वर्तमान में, पुलिस रेखा आर्या द्वारा दर्ज कराए गए इन गंभीर आरोपों (धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा, जालसाजी और हत्या की साजिश) की जांच कर रही है। इधर मंत्री रेखा आर्य के उत्पीड़न के मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चिंता जताई है।















































