राष्ट्रीय
केंद्र सरकार की हठधर्मिता से बनाए गये नए नियम भविष्य में आम जानता के लिए असुविधा लेकर आयेंगे : खष्टी बिष्ट
सीएन, नैनीताल। एक अक्टूबर से वित्तीय और प्रशासनिक क्षेत्र में हुए व्यापक बदलाव से आम जानता संशय में है। शिक्षा के गिरते स्तर को नज़र अंदाज़ कर सरकार मान बैठी है कि हर नागरिक उच्च कोटि की कंप्यूटर प्रणाली से वाक़िफ़ है और डिजिटाइजेशन के मध्यम से बैंकिंग, डिजिटल पंजीकरण, ई केवाईसी जैसे जटिल व्यवस्था को चुटकियों में समझ लेगा। ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार की हठधर्मिता ने बैंक ई केवाईसी, जन्म, मृत्यु, प्रमाण पत्र प्रतिरूप में बदलाव, निर्यातकों के लिए बदलाव, प्रॉपर्टी के मामलों में आम नागरिकों की जटिलता को और बढ़ा दिया है। पूछती है जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष खष्टी बिष्ट कि, क्या सरकार जानती है कि कंप्यूटर और एंड्राइड फ़ोन को ठीक से चला पाने वालों की संख्या कितनी है ? उनका कहना है कि परिवर्तन को थोपने से पहले उनमें विभागीय जन जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए,परंतु सरकार के हवाई फ़रमान से आज आम जानता दुविधा में है । और सरकार जन सुलभ कार्यों को दिन ब दिन जटिल बनाकर रोजमर्रा के काम में अड़चने पैदा कर रही है। ई केवाईसी के नाम पर सिलिंडर की काला बजारी के रास्ते दुरुस्त हो जाएँगे और सिलिंडर न मिलने से हा हाकार मच जाएगा। उसी प्रकार पिछड़ा हुए बैंक और मुनाफा कमाने वाले बैंको की ब्याज दरें एक ही रखने पर खाता धारकों को उच्च ब्याज दरों की सुविधाएँ प्राप्त नहीं हो पाएगी। श्रीमती बिष्ट कहती है की ये नियम आमजन के लिए असुविधा ही लेकर आयेंगी और भविष्य में इसके व्यापक परिणाम दिखाई देंगे। इन बदले हुए नियमों का उन्होंने पुरज़ोर विरोध किया है।
















































