नैनीताल
पीली नंबर प्लेट वाले दोपहिया वाहन स्वामी या अधिकृत चालक ही चला सकेंगे वाहन संचालकों में हड़कंप
सीएन, हल्द्वानी। नैनीताल जिले में पीली नंबर प्लेट वाली किराये की बाइक और स्कूटी के अनियमित संचालन पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर पर्यटकों को दोपहिया वाहन किराये पर देने वालों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 72 टैक्सी बाइक और स्कूटी सीज की जा चुकी हैं, जबकि 258 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 47 हजार रुपये के नकद चालान किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, जिले में कई वाहन स्वामियों द्वारा नियमों की अनदेखी कर पीली नंबर प्लेट वाले व्यावसायिक दोपहिया वाहनों को सीधे पर्यटकों के हवाले किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ वाहन स्वामियों के नाम पर चार से पांच तक वाहन पंजीकृत हैं, जिन्हें कथित तौर पर ऊंची कीमतों पर पर्यटकों को किराये पर दिया जा रहा था। शिकायतों के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान परमिट की शर्तों के उल्लंघन के मामले सामने आने पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। बुधवार शाम से शुरू हुई कार्रवाई बृहस्पतिवार तक जारी रही। इस दौरान पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए 72 टैक्सी बाइक और स्कूटी सीज कर दीं। इसके अतिरिक्त 258 वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई और लगभग 47 हजार रुपये के नकद चालान किए गए पुलिस की कार्रवाई के बीच स्पष्ट किया गया है कि पीली नंबर प्लेट वाले किराये के दोपहिया वाहनों का संचालन निर्धारित परमिट की शर्तों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। वाहन स्वामी या उनकी ओर से आधिकारिक रूप से नियुक्त चालक के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इन वाहनों को चलाने पर रोक संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पर्यटकों को किराये पर वाहन देने के नाम पर नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान का उद्देश्य व्यावसायिक वाहनों के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना और अनियमित गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में किराये पर बाइक और स्कूटी उपलब्ध कराने वाले संचालकों में हलचल मची हुई है। लगातार चेकिंग के जरिए पुलिस परमिट की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने में जुटी है। आने वाले दिनों में अभियान और तेज होने की संभावना के बीच रेंटल वाहन संचालकों को नियमों के अनुरूप कारोबार करने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
















































