उत्तराखण्ड
मानसून की विदाई के साथ आसमान से बरस रही आफत, सैकड़ों सड़कें बंद, चमोली की ऊंची पहाड़ियों में हिमपात, 10 सितंबर तक बारिश के आसार
सीएन, नैनीताल/चमोली/देहरादून। इस साल सितंबर में मानसून अपनी विदाई के साथ ही आसमानी आफत बरसा रहा है। पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। नदियां ऊफान पर हैं। नैनीताल जिले के पहाड़ी इलाकों में नाले.ऊफान पर हैं। 20 से अधिक ग्रामीण मार्ग बंद है। कालाढूंगी मार्ग के मंगोली में भूस्खलन के कारण मार्ग धंस गया है। पिथौरागढ़ टनकपुर हाईवे में यात्रियों के फंसे होने की सूचना है। उधमसिंहनगर में लेवड़ा नदी ऊफान पर है। हल्द्वानी की अधिकांश सड़कों पर झल भराव हो रहा है। उत्तरकाशी हाईवे भूस्खलन. के कारण बंद हो गया है। चमोली जनपद में ऊंची पहाड़ियों में हिमपात होने की खबरें हैं। अत्यधिक बारिश के कारण खेतीबाड़ी को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। भूस्खलन व भूधंसाव के कारण बार बार.उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में यातायात बाधित होने की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। इस वर्ष सितंबर में बारिश ने रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 27.1 एमएम बारिश दर्ज की गई जोकि सामान्य बारिश 9.3 एमएम के मुकाबले 192 फीसदी अधिक है। इस साल भी सितंबर की शुरुआत में ही मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बीते साल 15-16 सितंबर को मूसलाधार बारिश के बाद दून में बने आपदा जैसे हालात की याद इस महीने के पहले ही दिन ताजा हो गई। सोमवार को सुबह से ही पहाड़ से लेकर मैदान तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। बीते दो दिनों से दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में देहरादून में 59.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में इस अवधि की सामान्य बारिश 11.8 एमएम है। ऐसे में सामान्य के मुकाबले 402 फीसदी अधिक बारिश हुई। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश की वजह से कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। बारिश तेज होने पर सड़कों और गलियों में पानी की निकासी धीमी पड़ गई। इससे वाहन चालकों के साथ पैदल आवाजाही करने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़क किनारे और निचले हिस्सों में पानी जमा होने से लोगों को संभलकर निकलना पड़ा। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 27.1 एमएम बारिश दर्ज की गई जोकि सामान्य बारिश 9.3 एमएम के मुकाबले 192 फीसदी अधिक है। बागेश्वर में सबसे ज्यादा 61.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद देहरादून में 59.3, चंपावत में 51.1 और नैनीताल में 34 एमएम बारिश हुई। पिथौरागढ़ में 33.9, रुद्रप्रयाग में 29.5, टिहरी में 28, अल्मोड़ा में 24.9 और ऊधमसिंह नगर में 23.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश का असर केवल राजधानी देहरादून तक सीमित नहीं रहा। पहाड़ी जिलों में भी दिनभर बारिश होती रही। सोमवार को भी लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 8, 9 व 10 सितंबर तक देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चम्पावत सहित अन्य जिलों में बारिश होन की संभावना है।






















































