नैनीताल
काम में देरी से भड़का नैनीताल का बेटा व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत, बोले-अब आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए, आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित नैनीताल चाहिए
नैनीताल। लोअर मॉल रोड के निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी और सड़क की बिगड़ती स्थिति को लेकर माँ नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को उन्होंने लोअर मॉल रोड पर धरना देते हुए सड़क पर लेटकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने शासन-प्रशासन को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, वह धरने से नहीं उठेंगे।
पुनीत टंडन ने कहा कि लोअर मॉल रोड लंबे समय से बंद है, जिसके कारण नैनीताल की यातायात व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोअर मॉल रोड का दबाव लगातार अन्य मार्गों पर बढ़ रहा है और यदि समय रहते काम पूरा नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने मॉल रोड पर बढ़ रही दरारों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। पुनीत टंडन ने कहा कि “अगर मॉल रोड ढही तो मैं तालाब में कूद जाऊंगा।” उनके इस बयान से उन्होंने सड़क की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता और नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नैनीताल की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल मॉल रोड की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने निर्माण कार्य को आगे बढ़ाए जाने से संबंधित पत्र को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कार्य को आगे बढ़ाए जाने का एक पत्र उनके नाम से सर्कुलेट होकर मीडिया तक पहुंच गया, लेकिन वह पत्र स्वयं उनके पास नहीं आया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा क्यों नहीं किया जा सका और अब काम को आगे बढ़ाने की स्थिति क्यों पैदा हुई?
उन्होंने निर्माण कार्य में देरी के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि व्यापारियों और नैनीताल की जनता को यह जानने का अधिकार है कि सड़क का काम कब तक पूरा होगा और इसमें देरी के लिए जिम्मेदार कौन है।
पैसों की बंदरबांट के सवाल पर भी घेरा
पुनीत टंडन ने निर्माण कार्य में खर्च होने वाली धनराशि और उसकी निगरानी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि सड़क निर्माण में कितना पैसा खर्च किया जा रहा है और उसकी गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर हो रही है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि कहीं निर्माण कार्य के नाम पर पैसों की बंदरबांट तो नहीं हो रही है। उन्होंने पूरे कार्य की पारदर्शी जांच और खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक किए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल बजट खर्च करने का विषय नहीं है, बल्कि नैनीताल की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा मामला है। यदि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता हुआ तो आने वाले समय में इसका खामियाजा नैनीताल को भुगतना पड़ सकता है।
कुमाऊं कमिश्नर के निरीक्षण पर भी उठाए सवाल
पुनीत टंडन ने कहा कि कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत तीन बार लोअर मॉल रोड का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी यदि सड़क का काम गति नहीं पकड़ता तो इससे व्यापारियों और स्थानीय लोगों में निराशा स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि अब केवल मौके पर निरीक्षण और आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को स्पष्ट समयसीमा तय कर निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करना होगा और सड़क की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे।
पुनीत टंडन ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उनका उद्देश्य नैनीताल को आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि नैनीताल देश-विदेश में अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए जाना जाता है, लेकिन यदि पर्यटकों को यहां आने पर बंद सड़कें, निर्माण की लंबी अवधि और अव्यवस्था दिखाई देगी तो इससे शहर की छवि प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि नैनीताल आने वाले पर्यटक यहां से अच्छी यादें लेकर जाएं, यही सभी की जिम्मेदारी है। लंबे समय तक सड़क बंद रहने से स्थानीय व्यापारियों, होटल कारोबारियों, टैक्सी संचालकों और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुनीत टंडन ने कहा कि जब तक शासन-प्रशासन की ओर से ठोस निर्णय, स्पष्ट कार्ययोजना और धरातल पर प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई देती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ आश्वासन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लोअर मॉल रोड के निर्माण कार्य की प्रगति, देरी के कारण, खर्च हो रही धनराशि और कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए तथा सड़क को जल्द से जल्द सुरक्षित और यातायात योग्य बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जाएं। लोअर मॉल रोड पर सड़क पर लेटकर दिया गया यह धरना अब नैनीताल में सड़क निर्माण की धीमी गति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।







































