आपदा
ज्योलीकोट में संक्रमण का बढ़ा खतरा, कई स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र अग्रिम आदेश तक बंद
सीएन, ज्योलीकोट/नैनीताल। के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए क्षेत्र के कई सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अग्रिम आदेश तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। डीएम के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में संचालित शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी भीमताल कैना चौहान के आदेश के अनुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय ज्योलीकोट, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ज्योली, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गांजा, उच्च प्राथमिक विद्यालय छीड़ागांजा, हिमालयन एकेडमी ज्योलीकोट, सेंट एंथोनी कॉन्वेंट ज्योलीकोट, सेंट एंथोनी कॉलेज ज्योलीकोट, बाल संसार स्कूल और नेचर वैली इंटरनेशनल स्कूल सरियाताल में अग्रिम आदेश तक अवकाश रहेगा। इसके अलावा ज्योली, ज्योलीकोट, सरियाताल, भल्यूटी और बेलुवाखान में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। प्रशासन के इस फैसले का उद्देश्य बच्चों को संक्रमण के संभावित खतरे से बचाना और प्रभावित क्षेत्र में बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करना है। दरअसल, ज्योलीकोट और आसपास के करीब आठ गांवों में पिछले कुछ समय से दूषित पेयजल के कारण उल्टी-दस्त, डायरिया, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। जून के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई स्वास्थ्य संबंधी समस्या अब गंभीर रूप लेती दिखाई दे रही है। स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्र में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की है।
























































