Connect with us

मौसम

अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग व चंपावत समेत कई पहाड़ी जिलों में झमाझम बारिश की संभावना, मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर जारी

सीएन, देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने राहत और सतर्कता दोनों को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। राज्य के देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल जैसे मैदानी जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों को दिन के समय घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में नैनीताल सहित कई जगहों में भी भी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से गर्मी का असर सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक महसूस किया जा रहा है। नैनीताल में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। तेज गर्मी.के कारण नैनी झील का.जलस्तर भी घट रहा है। बीते 15 दिनों में जलस्तर 1 फीट 2 इंच घट गया है। शुक्रवार को झील का जलस्तर 78 फीट 10 इंच रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार आज शुक्रवार और आने वाले दिनों में राज्य के पर्वतीय जिलों में मौसम करवट ले सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अल्मोड़ा, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी और चंपावत के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिनों के बाद पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बारिश का असर मैदानी इलाकों के तापमान पर भी देखने को मिलेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य में गर्मी बढ़ने के साथ-साथ वनाग्नि की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। 15 फरवरी से अब तक प्रदेश में 309 वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनसे 257 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
इनमें गढ़वाल मंडल में सबसे अधिक घटनाएं सामने आई हैं, जबकि कुमाऊं मंडल में भी कई जंगल आग की चपेट में आए हैं। बीते कुछ दिनों में चमोली और टिहरी सहित कई जिलों से वनाग्नि की घटनाओं की सूचना मिली है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आएगी और प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि बिजली चमकने और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें 👉  भगवान विश्वनाथ जगदीश शीला डोली का भवाली देवी मंदिर में भक्तों द्वारा किया जोरदार स्वागत
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

More in मौसम

Trending News

Follow Facebook Page

About

आज के दौर में प्रौद्योगिकी का समाज और राष्ट्र के हित सदुपयोग सुनिश्चित करना भी चुनौती बन रहा है। ‘फेक न्यूज’ को हथियार बनाकर विरोधियों की इज्ज़त, सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयास भी हो रहे हैं। कंटेंट और फोटो-वीडियो को दुराग्रह से एडिट कर बल्क में प्रसारित कर दिए जाते हैं। हैकर्स बैंक एकाउंट और सोशल एकाउंट में सेंध लगा रहे हैं। चंद्रेक न्यूज़ इस संकल्प के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दो वर्ष पूर्व उतरा है कि बिना किसी दुराग्रह के लोगों तक सटीक जानकारी और समाचार आदि संप्रेषित किए जाएं।समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को समझते हुए हम उद्देश्य की ओर आगे बढ़ सकें, इसके लिए आपका प्रोत्साहन हमें और शक्ति प्रदान करेगा।

संपादक

Chandrek Bisht (Editor - Chandrek News)

संपादक: चन्द्रेक बिष्ट
बिष्ट कालोनी भूमियाधार, नैनीताल
फोन: +91 98378 06750
फोन: +91 97600 84374
ईमेल: [email protected]

BREAKING